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कैमूर के करमचट डैम पर बने पुल पर मुख्य गेट लगाकर अचानक बंद कर दिए जाने से गुप्ताधाम दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पर्व के अवसर पर अपने परिजनों और बच्चों के साथ दर्शन और सैर-सपाटे के लिए पहुंचे लोग गेट पर ताला लटका देख निराश होकर लौटने को विवश हैं। सासाराम से सपरिवार पहुंचे मनोहर कुमार सिंह ने बताया कि वे सुबह जल्दी निकलकर गुप्ताधाम दर्शन और डैम घूमने आए थे, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा गेट बंद कर दिए जाने से पूरा परिवार रास्ते में ही फंस गया। वन विभाग के कर्मियों से पूछताछ करने पर बताया गया कि गेट पर ताला सिंचाई विभाग की ओर से लगाया गया है और इसके खुलने की कोई ठोस सूचना नहीं है। बाइक से बच्चों को निकले थे घुमाने बेलाव निवासी दया शंकर सिंह ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वे बाइक से बच्चों को घुमाने निकले थे, लेकिन डैम का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध है। उन्होंने कहा कि गेट बंद रहने से दर्शनार्थियों को करीब 20 से 30 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। इसके अलावा, किसी आपातकालीन स्थिति या मरीज को ले जाने के दौरान यह मनमाना प्रतिबंध बेहद घातक साबित हो सकता है। भभुआ निवासी एक अन्य राहगीर ने बताया कि सासाराम से करमचट के रास्ते घर लौटने के दौरान रास्ता बंद मिलने से उन्हें 30 किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। सूचना दिए बिना बंद किया गया गेट वहीं भगवानपुर से बाइक पर परिजनों के साथ पहुंचे सर्वेश सिंह ने भी बताया कि गेट बंद होने के संबंध में पूर्व से कोई सूचना नहीं दी गई थी, जिससे लोग असमंजस में हैं। डैम देखने और पैदल चलकर आने वाले लोगों को भी बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ रहा है। त्योहार के समय अचानक आवागमन ठप होने से आम लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है तथा सभी आवागमन सुचारु कराने की मांग कर रहे हैं।
करमचट डैम का गेट बंद होने से लोग परेशान:गुप्ताधाम जा रहे श्रद्धालुओं को 30KM का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा
