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दरभंगा के मरीजों को अब एक ही केंद्र पर आधुनिक और निःशुल्क पैथोलॉजी जांच की सुविधा मिलेगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सदर), दरभंगा परिसर में स्थापित अत्याधुनिक जिला पैथोलॉजी लैब (रक्त जांच हब) का बुधवार को उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने लैब का निरीक्षण कर उपलब्ध मशीनों, जांच सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह सुविधा राज्य सरकार की ओर से लोक-निजी साझेदारी (पीपीपी) के तहत हब एंड स्पोक मॉडल पर शुरू की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना सिटी स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल से राज्यभर में इस योजना का शुभारंभ किया। 26 स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़ेगा हब लैब इंचार्ज ने बताया कि जिला स्तरीय इस हब से जिले के 26 सरकारी स्वास्थ्य संस्थान जुड़े हैं, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल और उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इन संस्थानों से प्रतिदिन रक्त और अन्य जांच नमूने रनर बॉय के माध्यम से जिला लैब तक पहुंचाए जाएंगे। 87 प्रकार की जांच पूरी तरह मुफ्त इस अत्याधुनिक लैब में कुल 87 प्रकार की पैथोलॉजी जांच मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT), टी-3, टी-4, टीएसएच (TSH), सीबीसी (CBC), यूरिन रूटीन सहित कई महत्वपूर्ण जांच शामिल हैं। सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि जांच पूरी होने के बाद मरीज की रिपोर्ट सीधे उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। डीएम बोले- बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हमारी प्राथमिकता जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी लाने के निर्देश इधर, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने निर्देश दिया कि प्रतिदिन 30 हजार लोगों की गुणवत्तापूर्ण स्क्रीनिंग, एक्स-रे एवं सीबीएनएएटी (CBNAAT) जांच सुनिश्चित की जाए और सभी रिपोर्ट समय पर निक्षय पोर्टल पर अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि केवल संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर स्क्रीनिंग प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर टीबी मरीजों के लिए टीपीटी दवाएं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाई जाएं। साथ ही निक्षय पोषण योजना की राशि शनिवार तक सभी पात्र मरीजों के खातों में भेजने के निर्देश भी दिए। डीएम ने जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी (एनसीडीओ) को अभियान की लगातार निगरानी करने और आरबीएसके टीम को महादलित टोलों में विशेष अभियान चलाकर घर-घर स्क्रीनिंग करने और संभावित मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में एनसीडीओ सत्येंद्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


