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- Teachers Who Failed To Mark Their Attendance On The App Were Issued Salary Suspensions And Show cause Notices Were Issued For Poor Results.
रांची1 घंटे पहले
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रांची जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, समग्र शिक्षा अभियान और मध्याह्न भोजन योजना की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
डीसी ने निर्देश दिया कि जिन स्कूलों में मैट्रिक परीक्षा में 10% से अधिक छात्र फेल हुए हैं, वहां के सभी शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाए।वहीं ई विद्यावाहिनी ऐप पर अटेंडेंस नहीं बनानेवाले शिक्षकों का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। वहीं इंटरम विज्ञान में खराब परिणाम वाले स्कूलों से भी जवाब मांगा गया। केवल पास प्रतिशत नहीं बल्कि 75% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
233 स्कूलों ने एक दिन भी दर्ज नहीं की उपस्थिति
बैठक में ई-विद्या वाहिनी ऐप पर अटेंडेंस को लेकर सबसे ज्यादा सख्ती दिखाई गई। जिले के 233 विद्यालयों ने एक भी दिन बच्चों की उपस्थिति दर्ज नहीं की। ऐसे सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए अगले आदेश तक वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा 1461 विद्यालय ऐसे पाए गए, जहां छात्रों की उपस्थिति 10 दिनों से भी कम दर्ज की गई। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को भी नोटिस जारी किया जाएगा। रांची सदर क्षेत्र मेंर प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी आभा कुमारी का वेतन भी रोकने का निर्देश दिया गया। जिले के 215 शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की। इन सभी का वेतन रोक दिया गया।
जर्जर भवनों में पढ़ाई बंद होगी : डीसी ने जर्जर भवनों में पठन-पाठन तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। साथ ही डीएमएफटी और अन्य निधियों से जर्जर भवनों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा। बैठक में उप विकास आयुक्त संजय भगत, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार आदि मौजूद थे।
1416 शिक्षक अब तक जे-गुरुजी ऐप पर सीपीडी प्रशिक्षण शुरू नहीं कर पाए हैं। डीसी ने सभी शिक्षकों को सात दिनों के भीतर प्रशिक्षण शुरू करने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण पूरा नहीं करने वालों का वेतन रोकने की चेतावनी दी गई। डीसी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन पूरा करने के लिए सात दिनों की समय सीमा तय की।



